पिथौरागढ़ की प्रियंका पांडे ने ‘Aipan Vatika’ के माध्यम से कुमाऊँ की ऐपण कला को दी नई पहचान

पिथौरागढ़। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ की युवा उद्यमी प्रियंका पांडे ने जनवरी 2026 में Aipan Vatika की स्थापना की। यह पहल कुमाऊँ की पारंपरिक ऐपण कला को आधुनिक हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से देशभर में नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है।

प्रियंका पांडे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं और वर्तमान में समाजशास्त्र विषय में पीएच.डी. कर रही हैं। उनका शोध ऐपण कला के सांस्कृतिक महत्व, संरक्षण और समकालीन समाज में इसकी प्रासंगिकता पर केंद्रित है। उनका मानना है कि ऐपण केवल एक लोक कला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।

इसी सोच के साथ उन्होंने Aipan Vatika की शुरुआत की, जहाँ पारंपरिक कुमाऊँनी ऐपण डिज़ाइनों को आधुनिक रूप देकर हस्तनिर्मित फोटो फ्रेम, पूजा चौकी, नेम प्लेट, होम डेकोर, विवाह एवं उत्सव उपहार तथा अन्य कस्टम उत्पाद तैयार किए जाते हैं। प्रत्येक उत्पाद पारंपरिक ऐपण की मूल शैली और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए हाथों से बनाया जाता है।

स्थापना के कुछ ही महीनों में Aipan Vatika 100 से अधिक कस्टम ऑर्डर्स सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है। ब्रांड के हस्तनिर्मित उत्पाद उत्तराखंड के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों के ग्राहकों तक पहुँच चुके हैं। वर्तमान में Aipan Vatika अपने उत्पादों की बिक्री इंस्टाग्राम @aipanvatika तथा डायरेक्ट कस्टम ऑर्डर्स के माध्यम से कर रही है।

प्रियंका पांडे का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करना नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उनका विश्वास है कि यदि पारंपरिक कलाओं को आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए, तो वे आने वाली पीढ़ियों तक सहज रूप से पहुँच सकती हैं।

उन्होंने कहा,

“मेरा उद्देश्य केवल उत्पाद बेचना नहीं है, बल्कि ऐपण को हर घर तक पहुँचाना और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवित रखना है। यदि हमारी परंपराएँ लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनें, तभी उनका वास्तविक संरक्षण संभव है।”

Aipan Vatika का लक्ष्य आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की लोक कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना, स्थानीय हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देना तथा ऐपण कला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाना है।

संपर्क

प्रियंका पांडे
संस्थापक – Aipan Vatika
📍 पिथौरागढ़, उत्तराखंड

📞 8218583034
📧 aipanvatika@gmail.com
📷 Instagram: @aipanvatika

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