मां उल्का देवी मंदिर, पिथौरागढ़
गोरखों की कुलदेवी मानी जाने वाली मां उल्का देवी का यह मंदिर पिथौरागढ़ में चंडाक जाने वाली सड़क पर स्थित है, जो मुख्यालय से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर है।
इतिहास और स्थापना
- गोरखों ने अपने शासनकाल में इस मंदिर की स्थापना पर्वत की चोटी पर की थी।
- बाद में इस मंदिर का जीर्णोद्धार सेरा गांव के मेहता परिवार द्वारा किया गया था।
- मंदिर में पांडे गांव के पुनेठा पुजारी नियुक्त किए गए, जो आज भी प्रतिदिन सुबह और शाम दीया जलाते हैं।
कैप्टन शेर सिंह मेहता की आस्था
- कहा जाता है कि कैप्टन शेर सिंह मेहता पहले व्यक्ति थे जिन्होंने मंदिर के निर्माण हेतु सबसे पहले दान दिया।
- उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए मां उल्का देवी से आशीर्वाद मांगा और प्रण लिया कि संतान प्राप्ति होने पर भव्य मंदिर का निर्माण करेंगे।
- उनकी आस्था और समर्पण के कारण मंदिर ने वर्तमान भव्य स्वरूप प्राप्त किया।
मंदिर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
- मां उल्का देवी मंदिर आस्था, शक्ति और मनोकामना पूर्ति का केंद्र माना जाता है।
- इस मंदिर से पिथौरागढ़ शहर का सुंदर दृश्य भी देखने को मिलता है, जो इसे पर्यटन और आध्यात्मिकता दोनों का संगम बनाता है।
यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां आशा, भक्ति और शक्ति का संगम देखने को मिलता है। 🙏✨
