आदलि कुशलि कुमाउंनी मासिक पत्रिका के तत्वाधान में मासिक काव्य गोष्ठी एवं विचार गोष्ठी का आयोजन जोरको ब्रांड ऑफ फूड लवर्स रेस्टोरेंट (अपोजिट तपोवन स्कूल, निकट थाना कोतवाली) में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ रवि शंकर के सुमधुर बांसुरी वादन से हुआ। इसके पश्चात विचार गोष्ठी में “विकास और विनाश में अंतर” विषय पर परिचर्चा की गई।
वक्ताओं के मुख्य विचार:
- वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पंत – विकास के बाद विनाश तथा विनाश के बाद विकास होता है।
- हेम पंत – प्रकृति पर अतिक्रमण करके हमने आपदा को न्यौता दिया है।
- दिनेश भट्ट – वह विकास, विकास नहीं जिससे विनाश हो।
- डाॅ. आनंदी जोशी – नदियों व नालों के किनारे बड़े-बड़े निर्माण कर हमने स्वयं विनाश को आमंत्रण दिया है।
- चिंतामणि जोशी – अनियोजित विकास, विनाश का कारण है।
- महेश बराल – जल, जंगल और जैव विविधता का संरक्षण आज की आवश्यकता है।
काव्य गोष्ठी में लक्ष्मी आर्या, दयाल पांडे, जितेंद्र तिवारी, डाॅ. नीरज चंद्र जोशी, मुन्नी पांडेय, आशा सौन, रचना शर्मा, तनुज भट्ट, गरिमा जोशी, पवन ज्याला आदि कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. दीप चंद्र चौधरी ने की। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा सभी वक्ताओं के विचारों और कवियों की रचनाओं की समीक्षा प्रस्तुत की।
आयोजक डाॅ. सरस्वती कोहली ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश पंत ने किया।
कार्यक्रम में हेमराज मेहता, बलवंत कुमार, होशियार सिंह ज्याला, रोहित यादव आदि गणमान्य उपस्थित थे।

