पिथौरागढ़ किला – ऐतिहासिक धरोहर और खूबसूरत नज़ारे
📍 स्थान:
- पिथौरागढ़ शहर के केंद्र के पास स्थित।
- शहर के किसी भी हिस्से से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
📅 घूमने का सबसे अच्छा समय:
- अक्टूबर से अप्रैल – सुहावना मौसम और साफ़ दृश्य।
- मानसून (जुलाई-सितंबर) में भारी बारिश के कारण यात्रा से बचें।
🏰 पिथौरागढ़ किले का इतिहास
- 18वीं शताब्दी में गोरखाओं द्वारा निर्मित, जब उन्होंने पिथौरागढ़ को कुमाऊं शासकों से जीता।
- यह किला गोरखा सेना के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना था।
- 1815 में, जब अंग्रेजों ने कुमाऊं पर कब्ज़ा किया, तो यह किला उनके नियंत्रण में आ गया।
🌄 पिथौरागढ़ किले को क्यों देखें?
✅ ऐतिहासिक महत्व:
- यह गोरखा वास्तुकला और शासन का प्रतीक है।
- यह किला गोरखा और ब्रिटिश सेनाओं के बीच युद्धों का गवाह रहा है।
✅ पैनोरमिक व्यूज़ (दृश्य):
- यहाँ से पिथौरागढ़ घाटी और हिमालय की पहाड़ियों का शानदार नज़ारा दिखता है।
- सूर्योदय और सूर्यास्त के समय फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन जगह।
✅ इतिहास प्रेमियों और फ़ोटोग्राफ़रों के लिए आदर्श स्थान:
- किले के अवशेष इसकी प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
- यहां के शानदार दृश्यों को कैमरे में कैद करने का अलग ही अनुभव है।
✅ शांतिपूर्ण वातावरण:
- अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में कम भीड़भाड़ और शांत माहौल।
🎟️ प्रवेश शुल्क और समय
- प्रवेश शुल्क: 20 प्रति व्यक्ति
- समय: 10:00 AM to 5:00 PM
🏞️ पास के आकर्षण स्थल:
📍 कपिलेश्वर महादेव मंदिर (3 किमी) – प्राकृतिक गुफा में स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर।
📍 ध्वज मंदिर (10 किमी) – एक सुंदर ट्रेक के बाद, यहाँ से हिमालय का अद्भुत नज़ारा दिखता है।
📍 अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य (54 किमी) – वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहतरीन जगह।
