मोष्टामानू मेला महोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2026 का भव्य शुभारंभ, जयकारों से गूंजा मोष्टामानू धाम

पिथौरागढ़। छः पट्टी सोर के प्रसिद्ध मोष्टामानू मेला/महोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2026 का सोमवार को मोष्टामानू धाम में भव्य शुभारंभ हुआ। दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर नगर निगम महापौर कल्पना देवलाल, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र प्रसाद एवं दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया।

उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं मेला आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस दौरान मोष्टा बाबा के जयकारों से पूरा मोष्टामानू धाम भक्तिमय नजर आया।

पूजा-अर्चना के साथ हुआ मेले का शुभारंभ

मेले के शुभारंभ से पूर्व मोष्टामानू धाम में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मोष्टा बाबा के दरबार में पहुंचकर सुख-समृद्धि, खुशहाली, अच्छी वर्षा एवं जनकल्याण की कामना की।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मोष्टा देवता को वर्षा और कृषि से जुड़ा देवता माना जाता है। पहाड़ की पारंपरिक कृषि व्यवस्था में वर्षा के विशेष महत्व के कारण मोष्टा बाबा के प्रति क्षेत्रवासियों की आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है।

आस्था के साथ लोक संस्कृति का उत्सव

मोष्टामानू मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सोर घाटी की लोक संस्कृति, देव परंपराओं और सामाजिक एकजुटता का जीवंत उत्सव है। मेले में दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचते हैं तथा पूजा-अर्चना के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं।

देव परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच आयोजित होने वाला यह मेला ग्रामीण समाज के लिए आपसी मेल-मिलाप, भाईचारे और सामाजिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

विकास प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों को मंच

मेले के साथ आयोजित विकास प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, ग्रामीण प्रतिभाओं, स्वरोजगार एवं विकास से जुड़ी संभावनाओं को मंच मिल रहा है।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के साथ विकास और जनभागीदारी को जोड़ने से मोष्टामानू मेले का महत्व और भी बढ़ गया है।

आयोजन समिति को दी शुभकामनाएं

इस अवसर पर मेला संयोजक बिरेन्द्र बोहरा, मेला अध्यक्ष भगवान बिष्ट, संचालक कै. दीवान सिंह वल्दिया, प्रकाश जोशी समेत समस्त आयोजक मंडल को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, पूर्व कॉपरेटिव अध्यक्ष मनोज सामंत, पूर्व जिला महामंत्री राकेश देवलाल, यशवन्त महर, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार, जिलामंत्री रघुवीर सिंह बिष्ट, पार्षद विक्रम वाल्मीकि, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपक लोहिया, जिला महामंत्री सूरज सौन, महिला मोर्चा महामंत्री गीता दिगारी, नगर अध्यक्ष पुष्पा सौन, भावना सौन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

सदियों पुरानी परंपरा और विरासत का प्रतीक

बदलते दौर में भी मोष्टामानू मेला पहाड़ की पारंपरिक देव संस्कृति और लोक विरासत की मजबूती का प्रतीक बना हुआ है। हर वर्ष यहां जुटने वाली भीड़ केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं दर्शाती, बल्कि यह भी बताती है कि सोर घाटी के लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान और सदियों पुरानी परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मोष्टामानू मेला महज एक आयोजन नहीं, बल्कि सोर घाटी की आस्था, संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और लोक विरासत का जीवंत पर्व है—जहां हर वर्ष पहाड़ अपनी जड़ों से फिर जुड़ता दिखाई देता है।

📍 स्थान: मोष्टामानू धाम, पिथौरागढ़
📅 आयोजन: 14–19 सितंबर 2026
📸 फोटो: City Pithoragarh

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